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बहुत जल्द मै अपनो से मिलूंगा ?

4.6
7117

हैल्लो...... हां मां ! मै बोल रहा हूं, राकेश..... हां बेटा कैसा है तू, कितने दिन हो गये तेरी आवाज सुने हुए,, राकेश कां मां की पथरीली आँखों मे अचानक चमक सी आ गई, करीब महीने भर बाद वो अपने लाडले बेटे ...

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लेखक के बारे में

मैं एक शब्द हूँ ! वो शब्द जिसको पढ़ने मात्र से आपके चेहरे पे एक सुनहरी मुस्कान बिखर जाती है | फेसबुक से से जुड़ने के लिए आप फेसबुक पे https://www.facebook.com/vipinsri01 से खोज सकते हैं, इंस्टाग्राम पर मुझे @vipinsri01 से ढूंढ सकते हैं और ट्विटर पे मुझ @vipinsrivasta फॉलो कर सकते हैं |

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Dhananjay Singh Shubham
    20 मई 2018
    bolne ke liye sabd he kam pad jaayenge " Jai Hinnd "
  • author
    inzmam Shaikh "Shaikh"
    03 जनवरी 2019
    जब कुछ ही महीने हुआ था आये ,,, तो इतनी जल्दी कैसे ग्यारहवी ।के चली चलाएगी चुटकी ,,, और जब फेसबुक पर स्टेटस डाला तो ,, कैसे महीनों तक फ़ोन नही लगता ,बूथ जाने की क्या जरूरत जब उसके पास स्मार्टफोन है ,,,, कहानी अछि है पर वाक्य कही कही गलत है
  • author
    Ram
    05 जनवरी 2019
    padhte waqt aankhe geeli ho gayi... really hurt touching
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    Dhananjay Singh Shubham
    20 मई 2018
    bolne ke liye sabd he kam pad jaayenge " Jai Hinnd "
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    inzmam Shaikh "Shaikh"
    03 जनवरी 2019
    जब कुछ ही महीने हुआ था आये ,,, तो इतनी जल्दी कैसे ग्यारहवी ।के चली चलाएगी चुटकी ,,, और जब फेसबुक पर स्टेटस डाला तो ,, कैसे महीनों तक फ़ोन नही लगता ,बूथ जाने की क्या जरूरत जब उसके पास स्मार्टफोन है ,,,, कहानी अछि है पर वाक्य कही कही गलत है
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    Ram
    05 जनवरी 2019
    padhte waqt aankhe geeli ho gayi... really hurt touching