pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

बदला खून का

5
198

रंगा को अपने बाहुबल का बहुत घमंड था. शाहर में मस्त सांड बनके घूमता और छोटे बड़े किसी की परवाह न करता, अपनी शक्ति के मद में चूर ये व्यक्ति ईश्वर को भूल बैठा था....कभी किसी को राह चलते पीट देना कभी ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
author
Kishwar Anjum

शिक्षा - एम एस सी, बी एड, पीजीडीसीए मेरा मानना है कि जीवन के हर क्षण में कविता और कहानी छुपी होती है। मुझे सर्वशक्तिमान ने ये वरदान दिया है कि मैं इन बिखरे मोतीयों को इकट्ठा कर कविता और कहानी की मालाओं में पिरो पाती हूं। ईश्वर, अल्लाह, गॉड का अनगिनत शुक्र है, जो मुझे ये हुनर मिला है। पुस्तकें पढ़ने का शौक मेरे अंदर मेरी पूज्य मां ने जगाया। मां की सुनाई हुई कहानियां और घटनाएं ही मेरे लेखक रूप की निर्माता हैं। "कल्पना कम और सच्चाई ज़्यादा", मेरी कहानियों का यही मूल मंत्र है। कोशिश रहती है कि उन शब्दों का प्रयोग करूं, जो आम जनमानस पर आसानी से प्रतिबिंबित हों। आशा है मेरी रचनाएं आपको पसंद आएंगी और हमारा साथ लंबे समय तक चलेगा .

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Asha garg
    23 नवम्बर 2019
    behad khoobsurat prerna dayak story 👍
  • author
    24 नवम्बर 2019
    अच्छी कहानी।
  • author
    24 नवम्बर 2019
    बहुत बढ़िया,वाहहहह
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Asha garg
    23 नवम्बर 2019
    behad khoobsurat prerna dayak story 👍
  • author
    24 नवम्बर 2019
    अच्छी कहानी।
  • author
    24 नवम्बर 2019
    बहुत बढ़िया,वाहहहह