बरसत मेहुही आसमान बादलों से भरा है। चारों तरफ अंधेरा सा छा गया है।धरती पर चारों तरफ खुशियां ही खुशियां छाई है। धरती माता नें धानी चुनर।ओढ़कर अपना श्रंगार किया है।लगता है कि धरती में मैं...
भावनात्मक रचना।
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