pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

बाँध(सेतु)

5
185

मै तो बह चली थी ,नदी कि तरह अनेको सपने रंगे आँखो मे बिना किसी अवरोध के निर्बाध गती से अनंत तक सागर मे समाने किन्तु फिर रच दिया था एक सेतुबंध मेरे प्रवाह को रोकने बहुत कुछ समा गया उसमे ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Rudhir qaish kaushal Arodh Mandal
    09 जनवरी 2024
    खुलना अथ्वा निर्झर रुप में चलायमान होना शुध्दता का प्रतीक है! अगर आदमी को शुध्द होना है! तो उसे चलते रहना चाहिए। रुकना मृत्यु का संकेत है!
  • author
    Manjit Singh
    23 जून 2020
    lakh rupye ki baat kahi .kudrat se khilvaad nahi karna chahiye. aapko shath shath naman
  • author
    sudhakararao kommuri
    07 नवम्बर 2021
    good
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Rudhir qaish kaushal Arodh Mandal
    09 जनवरी 2024
    खुलना अथ्वा निर्झर रुप में चलायमान होना शुध्दता का प्रतीक है! अगर आदमी को शुध्द होना है! तो उसे चलते रहना चाहिए। रुकना मृत्यु का संकेत है!
  • author
    Manjit Singh
    23 जून 2020
    lakh rupye ki baat kahi .kudrat se khilvaad nahi karna chahiye. aapko shath shath naman
  • author
    sudhakararao kommuri
    07 नवम्बर 2021
    good