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बाकी है

4.4
667

जिन्दगी की एक आस बाकी है। जीने की प्यास बाकी हे। हौसला चाहे कितना भी कम हो अगर हिम्मत का साथ हो तो कुछ भी कर गुजरने कि चाह बाकी है। ...

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लेखक के बारे में
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संध्या
समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Kamlesh Barman
    11 ഏപ്രില്‍ 2020
    सुन्दर कमजोर कोई नही होता बस वह टूटे नही आप की सोच बहुत सुन्दर है 100%शुध्द
  • author
    Dr. Chandan Gupta
    20 ജനുവരി 2021
    अद्वितीय
  • author
    Ravindra Narayan Pahalwan
    03 മെയ്‌ 2019
    सुंदर...
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  • author
    Kamlesh Barman
    11 ഏപ്രില്‍ 2020
    सुन्दर कमजोर कोई नही होता बस वह टूटे नही आप की सोच बहुत सुन्दर है 100%शुध्द
  • author
    Dr. Chandan Gupta
    20 ജനുവരി 2021
    अद्वितीय
  • author
    Ravindra Narayan Pahalwan
    03 മെയ്‌ 2019
    सुंदर...