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अविलम्ब

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मन  की  तरंग पन्नों  पर मचल  जाती  है । जब  तुम  लिखते  हो कविता , गज़ल  या  कहानी अविलम्ब  लिख  देते  हो गूढ़  भावों  को ।...

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लेखक के बारे में
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Anuj Sharma

मैं M.A . psychology

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    sarita chand
    18 अप्रैल 2021
    सुंदर सार्थक रचना लाजबाव प्रस्तुति 👌👌👌👌👌👌🌹💐💐
  • author
    Pushpa notiyal
    18 अप्रैल 2021
    बिल्कुल सही कहा आपने सुन्दर प्रस्तुति
  • author
    Asha garg
    18 अप्रैल 2021
    बहुत ही सुंदर बेह्तरीन प्रस्तुति
  • author
    आपकी रेटिंग

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  • author
    sarita chand
    18 अप्रैल 2021
    सुंदर सार्थक रचना लाजबाव प्रस्तुति 👌👌👌👌👌👌🌹💐💐
  • author
    Pushpa notiyal
    18 अप्रैल 2021
    बिल्कुल सही कहा आपने सुन्दर प्रस्तुति
  • author
    Asha garg
    18 अप्रैल 2021
    बहुत ही सुंदर बेह्तरीन प्रस्तुति