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अवलम्बन

4.5
667

मैं बिना मुकुट के राजा की उपाधि से नवाजा गया और हमेशा इसी तर्ज़ पर लोगो की भलाई के लिए काम करता रहा ।लेकिन अब केवल तुम्हारी यादों में तुम्हारे आसपास ही रहूँगा और तुम सबको मेरे बिना ही अपने अस्तित्व की ...

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लेखक के बारे में
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कुसुम पारीक
समीक्षा
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  • author
    Varsha Garg
    19 ഡിസംബര്‍ 2019
    वर्तमान परिप्रेक्ष को बखूबी दर्शाती रचना..एक पेड़ अनगिनत फायदे देता है,कितनों को आश्रय देता है और जब उस पर कुल्हाड़ी चलती है तो न जाने कितने जीवन बर्बाद हो जाते हैं... पर सिक्के का दूसरा पहलू भी है जहाँ विकास है वहाँ कुछ हद तक विनाश भी होता ही है,पर हर व्यक्ति अपने स्तर पर कोशिश कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देकर होनेवाले विनाश को रोकने में सहायक हो सकता है... बहरहाल पेड़ और पक्षी के माध्यम से अपनी बात समझाने में आप कामयाब रही हैं कुसुम जी....👍
  • author
    Monika Pandey
    19 ഡിസംബര്‍ 2019
    बहुत सुंदर रचना
  • author
    Dr. Vandana Gupta
    21 ഡിസംബര്‍ 2019
    मानव द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से उपजे पर्यावरण असंतुलन को रेखांकित करती सुंदर रचना... मानव जो कुल्हाड़ी पेड़ पर चलाता है वह अप्रत्यक्ष रूप से उसके पैरों पर ही प्रहार करती है। पर्यावरण सहेजने का संदेश देती हुई रचना के लिए हार्दिक बधाई....💐💐
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    Varsha Garg
    19 ഡിസംബര്‍ 2019
    वर्तमान परिप्रेक्ष को बखूबी दर्शाती रचना..एक पेड़ अनगिनत फायदे देता है,कितनों को आश्रय देता है और जब उस पर कुल्हाड़ी चलती है तो न जाने कितने जीवन बर्बाद हो जाते हैं... पर सिक्के का दूसरा पहलू भी है जहाँ विकास है वहाँ कुछ हद तक विनाश भी होता ही है,पर हर व्यक्ति अपने स्तर पर कोशिश कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देकर होनेवाले विनाश को रोकने में सहायक हो सकता है... बहरहाल पेड़ और पक्षी के माध्यम से अपनी बात समझाने में आप कामयाब रही हैं कुसुम जी....👍
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    Monika Pandey
    19 ഡിസംബര്‍ 2019
    बहुत सुंदर रचना
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    Dr. Vandana Gupta
    21 ഡിസംബര്‍ 2019
    मानव द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से उपजे पर्यावरण असंतुलन को रेखांकित करती सुंदर रचना... मानव जो कुल्हाड़ी पेड़ पर चलाता है वह अप्रत्यक्ष रूप से उसके पैरों पर ही प्रहार करती है। पर्यावरण सहेजने का संदेश देती हुई रचना के लिए हार्दिक बधाई....💐💐