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औरत की प्यास

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औरत की प्यास                    एक औरत की प्यास...                     ...कहाँ बुझ पाती है               अशेष आशाओं, शेष दुराषाओं                   से ठगी सी... अतृप्त सी, ...

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लेखक के बारे में
समीक्षा
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  • author
    15 मार्च 2020
    बहुत गहराई से धरती और औरत के मध्य सामंजस्य बिठाती आपकी रचना।
  • author
    16 मार्च 2020
    बेहद खूबसूरत रचना
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    15 मार्च 2020
    बहुत गहराई से धरती और औरत के मध्य सामंजस्य बिठाती आपकी रचना।
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    16 मार्च 2020
    बेहद खूबसूरत रचना