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आषाढ़ के बादल

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सजेगी मांग धरती की , बजेगी धान की पायल । कि फिर मोती लुटाने , आ गए आषाढ़ के बादल । हवाएं गा उठीं सरगम , मयूरा नाचता छम-छम । नई कजली सुनाने , आ गए आषाढ़ के बादल । कि अलगोजे बजाने , आ गए आषाढ़ के ...

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लेखक के बारे में
author
Prachi Mishra

Love to writing and reading stories on pratillipi ✍ ✍

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    10 जुलाई 2022
    बचपन में पढ़ी बहुत शानदार कविता, क्या आप इस कविता (गीत) के कवि का नाम जानती हैं
  • author
    Sadhna Sinngh
    04 जुलाई 2024
    अति सुंदर
  • author
    निक्की
    23 अगस्त 2021
    वाह वाह बहुत खूब
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    10 जुलाई 2022
    बचपन में पढ़ी बहुत शानदार कविता, क्या आप इस कविता (गीत) के कवि का नाम जानती हैं
  • author
    Sadhna Sinngh
    04 जुलाई 2024
    अति सुंदर
  • author
    निक्की
    23 अगस्त 2021
    वाह वाह बहुत खूब