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अंतिम संस्कार

4.7
2200

अचानक ही डूबते हुए सूर्य की रश्मियों ने करवट ली तो सहसा ही वृक्षों के सहारे से बहती हुई नदी की धाराओं में बहते हुए सोने की चमकती हुई लकीरें सी बिछ्तीं चलीं गईं. शाम डूब रही थी. डूबती हुई इस शाम ...

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शरोवन

प्रतिलिपि में प्रकाशित मेरी कहानियों के सात संकलन, अर्थात सात पुस्तकें एक साथ प्रकाशित हुई हैं। इन पुस्तकों के नाम हैं; 1. माटी मेरे आंगन की 2. रोमिका 3. मेरे पथ का राही 4. अमावस्या 5. लहरें बुलाती हैं 6.मांझी नैया ढूंढे किनारा 7. शूशनगढ़ की सुंदरी मिलने का पता है; MSS 70 Janpath, New Delhi- 110001 Emai: [email protected] Phn. 91 11 2332 0253 Website. Www.masihisahitysanstha.com name: Sharovan Full name: Sharovan Kumar Singh Education: M.A. ( Hindi, Sociology), Bsc. zoology, Botany, Chemistry, Clinical: Medical technologist (USA) Writings: Novels, stories, poems Footnote: two times winner of Hindi stories competition of Delhi Press famous magazine ' Sarita'; first and second prize. Residency: Georgia, USA. Facebook: Novelist Sharovan website: Yeshukepaas.org email: [email protected] Resident of: 2379 Cochise Dr., Acworth, Ga 30102, USA. contact: 7707267286, 4042138257 शरोवन- जन्म स्थान- सहारनपुर, सेमनरी, उत्तर-प्रदेश, भारत, शिक्षा- बी. एस. सी. जीवविज्ञान व रसायनशास्त्र स्नातकोत्तर- हिन्दी व समाजशास्त्र रसायनशाला- सी. एल. टी. (एन. सी. ए.), यू. एस. ए., एम. टी. (ए. एम. टी.), यू. एस. ए. सी. एल. एस. सी., रसायनशास्त्र (एन. सी. ए., यू. एस. ए. लेखन- उपन्यास, कहानी एंव लेख संपादन- यीशु के पास, इनकारपोरेटिड, हिन्दी मसीह पत्र प्रकाशन, अमेरिका के अन्तर्गत चेतना हिन्दी मसीही पत्रिका का संपादन व प्रकाशन प्रकाशन- उपन्यास- बिखरे फूल, तुम दूर चले जाना, नैया, चरवाहा, भारत की रचना, जिल्पा, -कहानी संग्रह, तथा सरिता, मुक्ता, बाल भारती, भू-भारती, युवक, एंव चेतना में कहानियां व लेख प्रकाशितं। सम्प्रति- क्लीनीकल लेबोरेटोरी, यू. एस. ए. में मेडिकल टैक्नोलेजिस्ट व क्लीनीकल लेबोरेटोरी सांइटिस्ट रसायनशास्त्र के रूप में कार्यरत्। प्रकाशित रचनायें- प्रेम करता है वह - गवाहियों का संकलन जिल्पा -कहानी संग्रह तुम दूर चले जाना -उपन्यास नैया -उपन्यास चरवाहा -उपन्यास भारत की रचना -उपन्यास कलवरी के आंसू -उत्तरी भारत की सी. एन. आई. में व्याप्त भ्रष्टाचार पर आधारित एक मार्मिक उपन्यास यीशु नासरी - एक एतिहासिक व बिबलीकल सत्य फिर वहीं - कहानी संग्रह Tears of Calvary_ Novel english edition.

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  • कुल टिप्पणी
  • author
    आरिफ अहमद "Arif"
    27 मई 2018
    सही है हम इंसान बहुत मतलबी होते है इन जानवरों के प्रति जो जीवन भर हर तरह से हमारी सेवा करते है
  • author
    09 फ़रवरी 2020
    मन के कोनों को छू गयी कथा । यद्यपि इसका आधा भाग मैंने व्हाट्सएप्प पर पढ़ा था पर फिर बाकी की आधी कथा ने कथा के मूल रूप को बदल दिया । जो लोग चमड़ों की चीजों का उपयोग करते है जिनके कारण कितने मवेशी बिना वजह मारे जाते हैं उनको शायद ये कथा झकझोर सके ।
  • author
    Ranjeet Bhiralia
    28 अक्टूबर 2018
    बहुत ही सुन्दर और संवेदनशील है!
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    आरिफ अहमद "Arif"
    27 मई 2018
    सही है हम इंसान बहुत मतलबी होते है इन जानवरों के प्रति जो जीवन भर हर तरह से हमारी सेवा करते है
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    09 फ़रवरी 2020
    मन के कोनों को छू गयी कथा । यद्यपि इसका आधा भाग मैंने व्हाट्सएप्प पर पढ़ा था पर फिर बाकी की आधी कथा ने कथा के मूल रूप को बदल दिया । जो लोग चमड़ों की चीजों का उपयोग करते है जिनके कारण कितने मवेशी बिना वजह मारे जाते हैं उनको शायद ये कथा झकझोर सके ।
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    Ranjeet Bhiralia
    28 अक्टूबर 2018
    बहुत ही सुन्दर और संवेदनशील है!