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अनमोल

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मा तेरा कोई मोल नहीं तुझ सा कोई अनमोल नहीं तेरे जैसा दुख का साथी इस दुनिया में कोई ओर नहीं होता हूं जब मै निराश जब खुद से ही टूट जाता हूं तेरे आंचल की छाव में ही सुकून का अनुभव पाता हूं गरजती है ...

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HARD to SIMPLE
समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    MOHIT SINGH KUSHWAHA
    17 अप्रैल 2020
    behtareen
  • author
    सचिन सिंह "आयुष"
    17 अप्रैल 2020
    🙏🙏bahut sundar
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  • author
    MOHIT SINGH KUSHWAHA
    17 अप्रैल 2020
    behtareen
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    सचिन सिंह "आयुष"
    17 अप्रैल 2020
    🙏🙏bahut sundar