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अनकहे एहसास

4.3
2638

इंतज़ार... इश्क़ का इंतज़ार... मिलने का इंतज़ार... प्यार का इंतज़ार... खोने का इंतज़ार... सुकून... कि पास हो... मेरे खास हो... जो कभी ना मिटे... वो एहसास हो... गुस्सा... ना मिलने का... दूर रहने...

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लेखक के बारे में
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पवन खैरा

सामाजिक विषयों पर लिखने की चाहत, इक कोशिश कुछ नया करने की।

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    विकास कुमार
    01 जुलाई 2018
    vaah bahut sundr likhaa hai aapne..pyaar kaa ahsaas badhaai ho aapko
  • author
    Jai Sharma
    16 अप्रैल 2020
    एक अच्छी रचना के लिए शुक्रिया बंधु
  • author
    27 नवम्बर 2017
    Jabardast hai Bhai... kya bat hai.
  • author
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    विकास कुमार
    01 जुलाई 2018
    vaah bahut sundr likhaa hai aapne..pyaar kaa ahsaas badhaai ho aapko
  • author
    Jai Sharma
    16 अप्रैल 2020
    एक अच्छी रचना के लिए शुक्रिया बंधु
  • author
    27 नवम्बर 2017
    Jabardast hai Bhai... kya bat hai.