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अनन्तप्रेम(सम्पूर्ण )

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4.2

क्या कोई एक ऐसी जगह है जहाँ सब लोग एक जैसे हो जाते होंगे, जहाँ पर किसी को यह नहीं बताना पड़ता होगा की वो किस जाति का है, किस संप्रदाय का है, जहाँ पर सिर्फ रूहदारी होती होगी, प्यार ही धर्म होता ...