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हिन्दी

अमीर खुसरो के दुसुख़ने

4.1
1020

१. गोश्त क्यों न खाया? डोम क्यों न गाया? उत्तर—गला न था २. जूता पहना नहीं समोसा खाया नहीं उत्तर— तला न था ३. अनार क्यों न चखा? वज़ीर क्यों न रखा? उत्तर— दाना न था( अनार का दाना और दाना=बुद्धिमान) ४. ...

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लेखक के बारे में
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अमीर ख़ुसरौ

मूल नाम : अबुल हसन यमीनुद्दीन ख़ुसरौ उपनाम : अमीर खुसरो देहलवी, अमीर खुसरो जन्म : 1253 देहावसान: 1325 भाषा : पर्सियन, उर्दू, हिन्दवी, खड़ी बोली विधाएँ : ग़ज़ल, कव्वाली, मसनवी, रुबाई आदि अबुल हसन यमीनुद्दीन ख़ुसरौ जो कि अपने उपनाम अमीर खुसरो देहलवी से विख्यात हैं, खड़ी बोली हिन्दी के सर्व-प्रथम रचनाकारों में से एक हैं, इन्हे कव्वाली का जनक माना जाता है। इन्हे संगीत की तराना एवम खयाल विधाओं का भी जनक माना जाता है, साथ ही इन्हे अक्सर तबला एवम सितार के अविष्कार का भी श्रेय दिया जाता है. अमीर खुसरो ने भारतीय साहित्य, संगीत एवम भाषा के क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इनकी मुकरियाँ, पहेलियाँ और दुसुख़ने भी उतने ही लोकप्रिया हैं जितनी इनकी ग़ज़लें.

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Sushil P. Nagar
    10 ஆகஸ்ட் 2020
    इसमें जोड़ें - घोड़ा अड़ा क्यों? पान सड़ा क्यों? ( फेरा न था)
  • author
    Phool singh Jhariya
    01 செப்டம்பர் 2020
    एक तीर से दो निशाने लगाने वाले दुसुखने है।
  • author
    07 டிசம்பர் 2021
    क्या बात है!👍👍
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  • author
    Sushil P. Nagar
    10 ஆகஸ்ட் 2020
    इसमें जोड़ें - घोड़ा अड़ा क्यों? पान सड़ा क्यों? ( फेरा न था)
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    Phool singh Jhariya
    01 செப்டம்பர் 2020
    एक तीर से दो निशाने लगाने वाले दुसुखने है।
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    07 டிசம்பர் 2021
    क्या बात है!👍👍