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अमानत में खयानत

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अमानत में खयानत बड़ी बड़ी खड़ी करदी इमारतें, जंगल सब छांट दिए करी तरक्की इतनी, सब नदी नाले कूड़े से पाट दिए कारखाने गाड़ियां तोप तलवार सब बना के बैठ गए फिजाओं में भर दिया जहर, धर्म और जात में लोग ...

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लेखक के बारे में
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नवीन भटनागर

कुछ बचपन की कुछ जवानी की तस्वीरें हैं। मेरे किस्सों, मेरे गीतों में जीवन की अमिट कुछ लकीरें हैं। पढ़ने का शौक था सो लिख रहा हूं मैं । अपने जीवन के, अपनी यादों के कुछ मोती चुन रहा हूं मैं। सो जाऊंगा एक दिन समेट के चादर जिंदगी की। जब तक जिंदा हूं सांसें गिन रहा हूं मैं।। 🙏🙏❤️✍️ हैलो दोस्तों आज मेरे जीवन का एक सुनहरी पल है। वर्षों से संजोया मेरा ख्वाब आज पूरा हुआ है। मेरी पहली पुस्तक *अहसासों का अंतर्द्वंद* अब छप चुकी है। इस पुस्तक में काव्य के भिन्न रूपों के द्वारा,प्रत्येक दिन का वो खास भाव और भावनाओं को विभिन्न रंग में रंगने का मैंने प्रयास किया है। पठन के दौरान आप भी जीवन की इन अनुभूतियों को अपने करीब महसूस करेंगे, मुझे पूर्ण विश्वास है। मेरी यह पुस्तक E book के रूप में amazon kindle या फिर पेपर बैक में, सर्वद स्टोर पर उपलब्ध है। आशा है, आप इस पुस्तक को अपना स्नेह देकर मुझे अनुग्रहित करेंगे। कृपया अपनी बहुमूल्य प्रतिक्रिया अमेजन किंडल पर अवश्य प्रेषित कीजिए, यह पुस्तक तथा मेरे लिए बहुत सहायक सिद्ध होगा🙏 धन्यवाद नवीन पहल भटनागर Written By: Naveen Bhatnagar A collection of beautiful poems Get your beautiful E-book from Amazon Kindle https://www.amazon.in/dp/B0B25KQNH1/ref=cm_sw_em_r_mt_dp_D8YT5NSB92MP8303QD6A Get your paperback From Sarvad Store https://sarvadpublication.com/product/अहसासों-का-अंतर्द्वंद-ehsasho-ka-antardwand/

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Rita Rajput
    09 नवम्बर 2021
    निशब्द रचना बहुत खूबसूरत लिखी आपने
  • author
    शैली भागवत "आस"
    09 नवम्बर 2021
    बहुत ही उत्कृष्ट लेखन👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻 प्रकृति की अमूल्य धरोहर को भविष्य के लिये सहेजने की जगह हम इसका अंधाधुंध दोहन कर रहे है, हम भूल जाते है, कि प्रकृति है, तो हम है। बहुत ही प्रेरक एवं सजग करती पंक्तियाँ 💐💐💐💐
  • author
    09 नवम्बर 2021
    बिल्कुल सही कहा आपने.... भविष्य को खोखला करने की समाज ने कसम खाई है... कहीं से भी आए जरूरी बस कमाई है... धन्यवाद भाई जी 👌🏿👌🏿👌🏿🌷🌷🌷🌷🌷🌷🙏🙏
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    Rita Rajput
    09 नवम्बर 2021
    निशब्द रचना बहुत खूबसूरत लिखी आपने
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    शैली भागवत "आस"
    09 नवम्बर 2021
    बहुत ही उत्कृष्ट लेखन👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻 प्रकृति की अमूल्य धरोहर को भविष्य के लिये सहेजने की जगह हम इसका अंधाधुंध दोहन कर रहे है, हम भूल जाते है, कि प्रकृति है, तो हम है। बहुत ही प्रेरक एवं सजग करती पंक्तियाँ 💐💐💐💐
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    09 नवम्बर 2021
    बिल्कुल सही कहा आपने.... भविष्य को खोखला करने की समाज ने कसम खाई है... कहीं से भी आए जरूरी बस कमाई है... धन्यवाद भाई जी 👌🏿👌🏿👌🏿🌷🌷🌷🌷🌷🌷🙏🙏