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आखिर चार लोग क्यों कहेंगे

4.6
15160

हमारे समाज मे अक्सर कहा जाता है कि चार लोग देखेंगे तो क्या कहेंगे, मंजुला के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था जब वो ससुराल आई थी, चार लोगों के डर से जिंदगी जी रही थी लेकिन बाद में मंजुला ने विरोध किया ...

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लेखक के बारे में
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Anju Anant

लेखन की दुनिया मे अपना नाम करना ही मेरा उद्देश्य है, मेरी लिखी कहानियों को पसंद करने के लिए आप सब का धन्यवाद... इसी तरह अपना सहयोग बनाए रखे। त्रुटियों के लिए क्षमा करे

समीक्षा
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  • author
    Sapna Singh
    15 सितम्बर 2018
    कुछ लोगों को अपने बहु से ज्यादा बाहर वालों की फिक्र रहती है, लोग क्या कहेंगे 😣
  • author
    भारती पाण्डेय
    21 सितम्बर 2018
    बहुत ही सही ज़वाब. ये बहुत हद तक मुझसे मिलती कहानी है.. बस फ़र्क ये है की इस कहानी में नायिका ने ज़वाब दे दिया.. और मैं आज तक ज़वाब नहीं दे पाई...।
  • author
    Punam Patelji
    16 सितम्बर 2018
    कहानी अच्छी है,महिला वर्ग की उस परेशानी को मुखर रूप से व्यक्त किया गया है,जिसेआमतौर पर उसकी नैतिक जिम्मेदारी बताकर झेलाया जाता थी ।
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    Sapna Singh
    15 सितम्बर 2018
    कुछ लोगों को अपने बहु से ज्यादा बाहर वालों की फिक्र रहती है, लोग क्या कहेंगे 😣
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    भारती पाण्डेय
    21 सितम्बर 2018
    बहुत ही सही ज़वाब. ये बहुत हद तक मुझसे मिलती कहानी है.. बस फ़र्क ये है की इस कहानी में नायिका ने ज़वाब दे दिया.. और मैं आज तक ज़वाब नहीं दे पाई...।
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    Punam Patelji
    16 सितम्बर 2018
    कहानी अच्छी है,महिला वर्ग की उस परेशानी को मुखर रूप से व्यक्त किया गया है,जिसेआमतौर पर उसकी नैतिक जिम्मेदारी बताकर झेलाया जाता थी ।