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"अकड़"

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जिसे देखो वही अकड़ में जी रहा है। हर रिश्ते में अकड़ है। ज्यादातर लोग अपनी अकड़ की वजह से रिश्ते तोड़ रहे हैं और मोबाइल से रिश्ता जोड़ रहे हैं। हर समय मोबाइल में लगे रहते हैं। बिना जान पहचान के...

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लेखक के बारे में
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Aruna Agarwal

मैं कोई लेखिका नहीं हूं मुझे लिखने का शौक है, इसलिए लिखने की कोशिश करती हूं ।अपने मन के भावों, विचार और अपने जज्बातों को शब्दों में पिरोने की कोशिश करती हूं। अपने आसपास समाज में हो रही घटनाओं के बारे में लिखने की कोशिश करती हूं। 🙏

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    mohan lal
    23 जुलाई 2025
    आपकी रचना मैंने पढ़ी बहुत अच्छी लगी आशा करता हूं आप भी मेरी रचना पढ़ोगे और आशीर्वाद के रूप में लाइक शेयर और सब्सक्राइब करके प्रोत्साहन राशि जरूर देंगे तो मैं भी उसे तुरंत लौटा दूंगा 5धन्यवाद कल जिन लोगों ने प्रोत्साहन राशि दी उन सभी की राशि मैं लौटा दी है धन्यवाद
  • author
    rama desai
    23 जुलाई 2025
    सही कहा.... अपनी ही अकड़ में अगड़बम्ब जी रहे है.... ! अच्छी रचना.... ! 🙏🙏
  • author
    श्री हरि
    23 जुलाई 2025
    बहुत खूब ।
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    mohan lal
    23 जुलाई 2025
    आपकी रचना मैंने पढ़ी बहुत अच्छी लगी आशा करता हूं आप भी मेरी रचना पढ़ोगे और आशीर्वाद के रूप में लाइक शेयर और सब्सक्राइब करके प्रोत्साहन राशि जरूर देंगे तो मैं भी उसे तुरंत लौटा दूंगा 5धन्यवाद कल जिन लोगों ने प्रोत्साहन राशि दी उन सभी की राशि मैं लौटा दी है धन्यवाद
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    rama desai
    23 जुलाई 2025
    सही कहा.... अपनी ही अकड़ में अगड़बम्ब जी रहे है.... ! अच्छी रचना.... ! 🙏🙏
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    श्री हरि
    23 जुलाई 2025
    बहुत खूब ।