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अजीब सी कशमकश है

4.6
439

अजीब सी कशमकश है सुलझती ही नही तेरे जाने के बाद तुझको मैं महसूस करती हूँ .... सोचती हूँ कई बार अकेले में मैं तुझसे प्यार करती हूँ या नफरत करती हूँ ...... तेरे न होने ने दिला दिया है यकीं मुझको कि हाँ ...

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लेखक के बारे में
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सोनम सैनी
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    16 नवम्बर 2022
    बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति । हार्दिक साधुवाद
  • author
    सरिता सन्धु
    28 अगस्त 2019
    बेहद खूबसूरत कहानी कह डाली इस कविता ने ।
  • author
    Vijay Yadav
    02 जनवरी 2019
    उफ़ दर्द-ए-दिल उफान पर ला दिया है
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    अरविन्द सिन्हा
    16 नवम्बर 2022
    बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति । हार्दिक साधुवाद
  • author
    सरिता सन्धु
    28 अगस्त 2019
    बेहद खूबसूरत कहानी कह डाली इस कविता ने ।
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    Vijay Yadav
    02 जनवरी 2019
    उफ़ दर्द-ए-दिल उफान पर ला दिया है