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अजब सी रीति

4.4
326

अजब सी रीति दुनियाँ में, लोग चलाया करते हैं! बिना छेद की कश्ती को, सागर में डुबाया करते हैं! लोगों की क्या बात करें, ये आया जाया करते हैं! पहले तो ज़ख्म दिया करते, फिर नमक लगाया करते हैं! दूजों का दिल ...

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लेखक के बारे में
समीक्षा
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  • author
    Manjit Singh
    08 सितम्बर 2020
    आपकी ये पंक्तियां बहुत पसंद आए*घमंडी और मग्रुर के आगे सर झुकाया करते। लाचार और बेबस को सताया करते।ये कलियुग है भाई, ईमानदारों की कदर नहीं
  • author
    renu kapoor very innovative
    01 नवम्बर 2022
    very good
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    Manjit Singh
    08 सितम्बर 2020
    आपकी ये पंक्तियां बहुत पसंद आए*घमंडी और मग्रुर के आगे सर झुकाया करते। लाचार और बेबस को सताया करते।ये कलियुग है भाई, ईमानदारों की कदर नहीं
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    renu kapoor very innovative
    01 नवम्बर 2022
    very good