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ऐ दिल वो आशिक़ी के

4.6
556

ऐ दिल वो आशिक़ी के फ़साने किधर गए वो उम्र क्या हुई वो ज़माने किधर गए वीराँ हैं सहन ओ बाग़ बहारों को क्या हुआ वो बुलबुलें कहाँ वो तराने किधर गए है नज्द में सुकूत हवाओं को क्या हुआ लैलाएँ हैं ख़मोश ...

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समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Sikandar Vadia
    16 सितम्बर 2018
    phele ye najam gulzar ki aavaj me sunidhi aaz padhke bhut achcha laga
  • author
    Archana Pant "Aarchi"
    03 फ़रवरी 2020
    उर्दू और हिन्दी के शब्दों की खूबसूरत जुगलबंदी
  • author
    15 नवम्बर 2019
    नज्म बहोत खूब लिखा है,
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    Sikandar Vadia
    16 सितम्बर 2018
    phele ye najam gulzar ki aavaj me sunidhi aaz padhke bhut achcha laga
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    Archana Pant "Aarchi"
    03 फ़रवरी 2020
    उर्दू और हिन्दी के शब्दों की खूबसूरत जुगलबंदी
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    15 नवम्बर 2019
    नज्म बहोत खूब लिखा है,