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अच्छा है कि...काश ऐसा नहीं होता

4.2
3893

जानते हैं, कि आपकी ज़िंदगी में काश की शुरूआत कहां से होती है....जब आप अपनी मां के कोख में आकार ले रहे होते हैं, तभी से पहली काश की शुरूआत हो जाती है....कि काश मुझे बेटा या मुझे बेटी हो जाए...काश ...

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लेखक के बारे में

लेखक बनने की एक छोटी सी पहल है ये मेरी। मैं अपने आसपास हो रही वास्तविक घटनाओं को शब्दों में पिरोकर उन्हें काल्पनिक कहानियों के रूप में ढालती हूं क्योंकि मेरा मानना है कि काल्पनिक दुनिया में दुख का एहसास कम होता है।

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    ankit awasti
    31 दिसम्बर 2016
    NICE TO READ THIS BEAUTIFUL STORY
  • author
    jyoti rawat
    31 दिसम्बर 2016
    आपकी कहानिया में में इतनी गहराई है की जो पड़े जो डूबता चला जाये , हम उम्मीद करते है आप इसी तरह अपने सवर्ण समान शब्दो से अनगिनत कहानियो को likhengi.
  • author
    Usha Thayya
    03 मई 2019
    nice par kash sabd har kisi ki jindgi ki hissa h or rahega. na chahte hue bhi rahega
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    ankit awasti
    31 दिसम्बर 2016
    NICE TO READ THIS BEAUTIFUL STORY
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    jyoti rawat
    31 दिसम्बर 2016
    आपकी कहानिया में में इतनी गहराई है की जो पड़े जो डूबता चला जाये , हम उम्मीद करते है आप इसी तरह अपने सवर्ण समान शब्दो से अनगिनत कहानियो को likhengi.
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    Usha Thayya
    03 मई 2019
    nice par kash sabd har kisi ki jindgi ki hissa h or rahega. na chahte hue bhi rahega