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अब रूकना नहीं

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नई डगर है नया सफर है मिले नये अब पंख हमारे धरती गगन भी करें इसारे आगे बढो उठो जीवन में देख डरो मत बादल काले भर मन में उत्साह निराले अपने कर्मों की उर्जा से कर दो दूर सभी अंधियारे भारत माँ का...

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लेखक के बारे में
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Mahima Singh
समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    sarita chand
    03 अक्टूबर 2021
    बहुत ही सुंदर और हौसला देती हुई शानदार रचना उत्कृष्ट लेखन 👏👏👏👏👌👌👌👌💐💐💐💐
  • author
    Madhavi Sharma "Aparajita"
    03 अक्टूबर 2021
    बहुत बेहतरीन प्रेरक और सकारात्मक पंक्तियां,,
  • author
    03 अक्टूबर 2021
    भारतमाता का भाल संवारो... बढ़िया प्रस्तुति.
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    sarita chand
    03 अक्टूबर 2021
    बहुत ही सुंदर और हौसला देती हुई शानदार रचना उत्कृष्ट लेखन 👏👏👏👏👌👌👌👌💐💐💐💐
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    Madhavi Sharma "Aparajita"
    03 अक्टूबर 2021
    बहुत बेहतरीन प्रेरक और सकारात्मक पंक्तियां,,
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    03 अक्टूबर 2021
    भारतमाता का भाल संवारो... बढ़िया प्रस्तुति.