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अब अवतार नहीं होगा

4.0
609

तू ही राम है इस धरती पर तेरी इस रामायण का अब अवतार नहीं होगा इस धरती पर नारायण का भीग रही है खड़ी द्रौपदी अपनी ही अश्रु धारा में मूक रहेंगे खड़े ये पांडव अपने वचनो की कारा में कृष्ण तुझे बनना होगा ...

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समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    मलंग
    04 मार्च 2021
    बहुत ही सुन्दर रचना
  • author
    Supransh Tiwari
    20 अगस्त 2022
    कलयुग चाहे जितना आगे बढ़ जाए रावण चाहें जितने पैदा हो जाएं वो नारायण के समझ कुछ ही नहीं रहेंगे.. बस जब तक समय है ख़ुश हो ले ये रावण नारायण की माया में।
  • author
    Jyoti Meera
    24 दिसम्बर 2021
    अत्यंत सुंदर भावपूर्ण रचना
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    मलंग
    04 मार्च 2021
    बहुत ही सुन्दर रचना
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    Supransh Tiwari
    20 अगस्त 2022
    कलयुग चाहे जितना आगे बढ़ जाए रावण चाहें जितने पैदा हो जाएं वो नारायण के समझ कुछ ही नहीं रहेंगे.. बस जब तक समय है ख़ुश हो ले ये रावण नारायण की माया में।
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    Jyoti Meera
    24 दिसम्बर 2021
    अत्यंत सुंदर भावपूर्ण रचना