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आयी हूँ मैं...

4.1
599

आयी हूँ मैं.......... आयी हूँ मैं ...... अपने परिवार से बिछड़कर....... पूरी यादों का बसेरा समेट कर............. थोड़ा सा एतबार करना.... माँ से कम ही प्यार करना.....पर इन हाथों को हमेशा थाम कर ...

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लेखक के बारे में

नाम- अंजली अग्रवाल पिता- स्व. श्री मोतीराम अग्रवाल माता- श्रीमति मिथलेश देवी अग्रवाल परिवार - 9 बहन, 1 भार्इ  जन्म- 25-05-1990 शिक्षा - एम. काम विधा - कविता और लेख  प्रकाशन - रचानाकार , स्वर्गविभा प्रेरणा दायक - परिवार सम्र्पक - अंजली अग्रवाल वार्ड न. 12 बाजार मोहल्ला परासिया 480441 जिला - छिन्दवाडा़ म.प्र.  

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Dinesh Vaishnav
    18 अगस्त 2019
    Nice. एक पति को अपनी पत्नी के त्याग को समझ कर उसके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए क्योंकि उसके विश्वास पर ही वह अपना सब कुछ छोड़कर अपनी जिंदगी बिताने आती है।
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    19 जुलाई 2022
    लड़की की मनोभावों का सुन्दर चित्रण करती बहुत ही सुन्दर रचना ।
  • author
    Manjit Singh
    14 जुलाई 2020
    bahut sundar rachna.bhavuk. kavita
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    Dinesh Vaishnav
    18 अगस्त 2019
    Nice. एक पति को अपनी पत्नी के त्याग को समझ कर उसके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए क्योंकि उसके विश्वास पर ही वह अपना सब कुछ छोड़कर अपनी जिंदगी बिताने आती है।
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    अरविन्द सिन्हा
    19 जुलाई 2022
    लड़की की मनोभावों का सुन्दर चित्रण करती बहुत ही सुन्दर रचना ।
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    Manjit Singh
    14 जुलाई 2020
    bahut sundar rachna.bhavuk. kavita