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आंखों का तारा

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आंखों से ओझल हो गया, टुटा हुआ कोई तारा था।। सपना भी इस तरह टुटा कि, जैसे कोई आईना प्यारा था।। दिल की धड़कन भी तब रुकी, जब तुने छोड़ा साथ हमारा था।। क्या शिकवा करे हम मुझसे, क्योंकि गुनाह तो हमारा ...

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लेखक के बारे में
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bittu ❤️❤️❤️

sweetu

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Pankaj V
    21 फ़रवरी 2022
    bahut khubsurat
  • author
    22 फ़रवरी 2022
    बहुत ही बेहतरीन अभिव्यक्ति
  • author
    shailesh srivastava
    21 फ़रवरी 2022
    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति 🙏
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  • author
    Pankaj V
    21 फ़रवरी 2022
    bahut khubsurat
  • author
    22 फ़रवरी 2022
    बहुत ही बेहतरीन अभिव्यक्ति
  • author
    shailesh srivastava
    21 फ़रवरी 2022
    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति 🙏