pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

आजाद परिंदा

5402
4.6

ये कहानी है एक नन्हे से लड़के छोटू की । जो पैसे कमाने की चाह में शहर आता है , और कुछ ही समय मे यहां लोगो के बर्ताव से तंग आकर वापस अपने गांव जाने को आतुर है