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आईए इंसान बनें

4.2
22162

किसी गाँव में एक सूरज नाम का व्यक्ति रहता था । खेती बाड़ी तो थी नहीं,बस एक जोड़ी बैलों कि बची थी जो कभी और गाँव वालों के खेत जोतने के कामआते थे । एक बेटा था राम जो पढ़ाई के बाद शहर में सरकारी नौकरी ...

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लेखक के बारे में
समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Vivek Kumar Rajput
    24 नवम्बर 2018
    बच्चों जैसा निस्वार्थ प्रेम अगर इन्सानों में भी हो तो, दुनिया की सारी समस्याएं दूर हो जाय
  • author
    ज्योति खरे
    15 फ़रवरी 2016
    इंसान बनने की तमीज सिखाती बहुत बढ़िया कहानी  सादर 
  • author
    Ghanshyam prajapati
    14 जुलाई 2020
    वाह क्या बात है,, बहुत सुन्दर रचना,,, बिल्कुल सही है कि समान स्तर वाले ही एक दूसरे को समझ सकते हैं,,, 👌👌🌹💐🙏
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    Vivek Kumar Rajput
    24 नवम्बर 2018
    बच्चों जैसा निस्वार्थ प्रेम अगर इन्सानों में भी हो तो, दुनिया की सारी समस्याएं दूर हो जाय
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    ज्योति खरे
    15 फ़रवरी 2016
    इंसान बनने की तमीज सिखाती बहुत बढ़िया कहानी  सादर 
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    Ghanshyam prajapati
    14 जुलाई 2020
    वाह क्या बात है,, बहुत सुन्दर रचना,,, बिल्कुल सही है कि समान स्तर वाले ही एक दूसरे को समझ सकते हैं,,, 👌👌🌹💐🙏