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आईना

4.7
329

<p>कविताएं</p>

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लेखक के बारे में

जन्म : 2 मई 1967 शिक्षा : अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर एवं शोध उपाधि । प्रकाशन : देश की महत्वपूर्ण साहित्यिक पत्र - पत्रिकाओं ( पहल , वसुधा , अक्षर पर्व ,  समावर्तन , नया पथ , वागर्थ , बया , आदि ) में कवितायेँ तथा अनुवाद प्रकाशित । वर्ष 2003 में म. प्र. साहित्य अकादमी के सहयोग से कविता संग्रह ' कस्बे का कवि एवं अन्य कवितायेँ ' प्रकाशित ।वर्ष 2012 में रोमेनियन कवि मारिन सोरेसक्यू की कविताओं की अनुवाद पुस्तक  ' एक सीढ़ी आकाश के लिए ' उद्भावना से प्रकाशित ।अनेक विदेशी लेखकों की कविताओं और कहानियों का अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद । इसके अतिरिक्त " भूमण्डलीकरण और हिंदी उपन्यास " तथा " आधुनिकता बनाम उत्तर आधुनिकता " नामक दो आलोचना पुस्तकों का डॉ. संजीव कुमार जैन के साथ मिलकर सम्पादन जो क्रमशः वर्ष  2012 एवं 2013 में प्रकाशित हुईं ।                वर्ष2013 में अंतिका प्रकाशन से कविता संग्रह  " शायद " प्रकाशित तथा इसी संग्रह पर म प्र हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा प्रतिष्टित वागीश्वरी सम्मान दिया गया ।          सम्प्रति : शा. स्नातकोत्तर महाविद्यालय , गंज बासौदा में अध्यापन ।

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    Jai Sharma
    23 अप्रैल 2020
    मणि जी हमने आपकी कविता आईना पढ़ी है अच्छा लगा । आज कल गद्य में कविता कौन करता है यही बात आप की आपको औरों से अलग करती है । जब आदमी थोड़ा औरों से हट कर कुछ करता है तो वही उसकी पहचान होती है ‌ शुक्रिया बंधु
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    Jai Sharma
    23 अप्रैल 2020
    मणि जी हमने आपकी कविता आईना पढ़ी है अच्छा लगा । आज कल गद्य में कविता कौन करता है यही बात आप की आपको औरों से अलग करती है । जब आदमी थोड़ा औरों से हट कर कुछ करता है तो वही उसकी पहचान होती है ‌ शुक्रिया बंधु