pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

आह

4
1608

एक आह कराहती है सीने में मायूसी छाई है जीने में अतीत के दरवाजों के दरारों से जब यादें लौटती हैं फिर से जब ना चाह कर भी खो जाता हूँ ख्यालों में जब बेजान सा होकर रह जाता हूँ तब एक आह कराहती है सीने ...

अभी पढ़ें

Hurray!
Pratilipi has launched iOS App

Become the first few to get the App.

Download App
ios
लेखक के बारे में

एक पहाड़ी लड़का। उत्तराखण्ड राज्य के अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर कस्बे से हूँ और फिलहाल दिल्ली में दिन गुजार रहा हूँ। थोड़ा-बहुत लिखने का कीड़ा है तो लिखता हूँ, अच्छा बुरा कैसा भी.. पुरस्कारों का नाम नहीं गिनाऊंगा, क्योंकि ऐसा कभी लिखा नही कि कोई पुरस्कार दे🙊😂 कुछ किताब लिखने की इच्छा है, देखें भविष्य क्या दिखाता। बाकी और कुछ है भी नहीं मेरे बारे में जानने जैसा, फिर भी मुझसे जुड़ना चाहो तो- Gmail id : [email protected](इसी जीमेल को फेसबुक के सर्च बॉक्स से सर्च करने पर आपको मेरी फेसबुक प्रोफाइल भी दिख जाएगी।) वैसे मुझे कोई फॉलो करे ऐसा तो मैंने कुछ किया नही लेकिन इसके बाद भी आप मुझे ट्विटर पर फॉलो करना चाहो तो--  @RajuNegi_UK मेरा ट्विटर हैंडल।   

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    POOJA TIWARI "POOJA"
    01 మే 2018
    superb
  • author
    18 మార్చి 2018
    nice
  • author
    Vishal India
    10 సెప్టెంబరు 2018
    wo dikha Ni sbdo Mai jo dikhna chaiye tha
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    POOJA TIWARI "POOJA"
    01 మే 2018
    superb
  • author
    18 మార్చి 2018
    nice
  • author
    Vishal India
    10 సెప్టెంబరు 2018
    wo dikha Ni sbdo Mai jo dikhna chaiye tha