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बेनाम सा रिश्ता

4.8
20411

ये कहानी दो लोगो की जो एक बार अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीना चाहते है , जिन्हे अपनी आजादी से बहुत प्यार है लेकिन फिर भी दोनों बंदिशों में कैद है एक था मैं पंजाब से जिसका नाम है राजवीर , पंजाबी ...

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लेखक के बारे में

मैं कोई Writer नही बल्कि एक चोर हूं , जो लोगो का समय चुराती है !! प्रतिलिपी पाठक × साक़ी के सारथी ✓

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    02 സെപ്റ്റംബര്‍ 2018
    i wish teri wish mai puri krdu
  • author
    मनीष कुमार "Kumar"
    02 നവംബര്‍ 2018
    वाह काबिलेतारीफ..। ऐसी कहानियां भी बहुत कम पढ़ने को मिलती है। गोवा जैसी जगह का नाम सुनकर आँखों के सामने एक परदा आ जाता है जिसमें गोवा घुमने की तस्वीरे अपने आप दिखाई देने लगती है। माही ने दिल जीत लिया पूरी कहानी मेंं. बहुत खुब।
  • author
    JS Naphray
    19 നവംബര്‍ 2018
    Kai rishty ase bhe hotey he Jin ka koi nam nahi hota
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    02 സെപ്റ്റംബര്‍ 2018
    i wish teri wish mai puri krdu
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    मनीष कुमार "Kumar"
    02 നവംബര്‍ 2018
    वाह काबिलेतारीफ..। ऐसी कहानियां भी बहुत कम पढ़ने को मिलती है। गोवा जैसी जगह का नाम सुनकर आँखों के सामने एक परदा आ जाता है जिसमें गोवा घुमने की तस्वीरे अपने आप दिखाई देने लगती है। माही ने दिल जीत लिया पूरी कहानी मेंं. बहुत खुब।
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    JS Naphray
    19 നവംബര്‍ 2018
    Kai rishty ase bhe hotey he Jin ka koi nam nahi hota