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अधूरे प्यार की पूरी कहानी

4.2
71214

वो खिडकी से ठण्डी हवा का लुत्फ ले रही थी उसने अपनी आँखे बन्द की थी उसकी पलके आम लडकियों से तो बडी ही थी उसके बालो की दो लटे बार-बार उसके चेहरे पर आ रही थी जिसे वो अपने हाथ से पीछे कर रही थी उसके ...

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लेखक के बारे में
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Unknown Author

उत्तर प्रदेश के कानपुर का रहने वाला हूं। बस एक ही ख्वाहिश मुझे हर वो मंजिल हासिल करनी है जहां तक पहुंचने की मैंने कल्पना की है दो शब्दों में कहूं तो बात सिर्फ इतनी है- "अकड़ तोड़नी है उन मंजिलों की जिन्हें अपनी ऊंचाई पर गुरूर है।"

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Rajni Kapil Garg
    24 जनवरी 2019
    koi bhi kahani khul nhi rhi kya dikkat h
  • author
    sakshi Jain "ख्वाहिश"
    17 सितम्बर 2018
    आज कल लोग करियर बनाने में इतने खो जाते है कि उन्हें न उन्हें अपनी femliy दिखती न प्यार
  • author
    आकाश राय
    23 अगस्त 2020
    मजनू भी अपनी लैला छोड़ दे ये वाली लाइन सबसे बेहतरीन लगी कहानी जबरदस्त
  • author
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  • author
    Rajni Kapil Garg
    24 जनवरी 2019
    koi bhi kahani khul nhi rhi kya dikkat h
  • author
    sakshi Jain "ख्वाहिश"
    17 सितम्बर 2018
    आज कल लोग करियर बनाने में इतने खो जाते है कि उन्हें न उन्हें अपनी femliy दिखती न प्यार
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    आकाश राय
    23 अगस्त 2020
    मजनू भी अपनी लैला छोड़ दे ये वाली लाइन सबसे बेहतरीन लगी कहानी जबरदस्त