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अलौकिक-10

4.1
1536

रातको होस्टेलके गलियारेमें घना अंधेरा था. गलियारेके लाईट्स या तो किसीने चोरी किये होंगे या लडकोने तोड दिए होंगे. एक काला साया धीरे धीरे उस गलियारेमे चल रहा था. और वहासे थोडीही दुरीपर जॉन, ऍन्थोनी और ...

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लेखक के बारे में
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🔸मैं कोई लेखक नहीं हूं 😂परंतु साधारण सा साहित्य प्रेमी अवश्य हूँ.. 🔸आपकी समीक्षा,मंतव्य और मार्गदर्शन की कामना करता हूं..

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Dinesh kumar
    24 फ़रवरी 2019
    Good
  • author
    अभिलाषा चौहान
    04 जनवरी 2019
    बहुत बढ़िया
  • author
    कुमार अभिनंदन
    04 जनवरी 2019
    रोचक..
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Dinesh kumar
    24 फ़रवरी 2019
    Good
  • author
    अभिलाषा चौहान
    04 जनवरी 2019
    बहुत बढ़िया
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    कुमार अभिनंदन
    04 जनवरी 2019
    रोचक..