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लेनिन

8714
3.7

वह सोता है, - वह विकराल नाशक! अपने दाएँ और बाएँ, आगे और पीछे सब तरफ आग सुलगा कर, और उसकी लपट से प्राचीन संस्‍थाओं के अस्थिपंजर को भस्‍मी भूत करके लेनिन प्रगाढ़ नींद में सो रहा है। रूस के किसानों, मजदूरों, नीचे पड़े हुओं, बालकों और असहाय स्त्रियों का परम सहायक, साम्‍यवाद का प्रबल प्रचारक, विप्‍लव संगीत का गायक, निष्‍ठुरता की मूर्ति, दयानिधि लेनिन की आत्‍मा आज रूस पर मँडरा रही है। रूसवासियों ने उसका शरीर दफनाया नहीं। उन्‍होंने उस पर वैज्ञानिक रीति से मसाला लगा कर रूस के मास्‍को नगर में उसके ...