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भगवान पर भरोसा

4.5
5987

भगवान के घर देर हे पर अंधेर नहीं

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pandya rahul
समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    26 ಜನವರಿ 2020
    मित्रवर श्री राहुल पण्डया जी बहुत-बहुत बधाई और साधुवाद। विश्वास बहुत बङी शक्ति है।विश्वास है तो सब कुछ है,विश्वास नहीं तो कुछ नहीं। है। विश्वास रखकर किया गया सत्कर्म निसंदेह फलीभूत होता ही है और जैसा कर्म होता है उसका वैसा ही फल तथा उसी मात्रा में मिलता अवश्य है। कर्ता कर्म के पश्चात मुक्त है, फल उसके हाथ में नहीं है और न ही उसे किये कार्म के लिए अहंकार करना अपेक्षित है।वह तो निमित मात्र है। मेरी क्या हैसियत है, क्या मेरी औकात है। जो कुछ किया करने वाले ने किया, जो मिला वही सौगात है।शुभम्।
  • author
    Shyamlata Sangwan
    26 ಜನವರಿ 2020
    ईश्वर पर विश्वास करना और उसके ऊपर सब छोड़ना ही ठीक है .कर्म करो अवश्य फल मिलेगा. अच्छा संदेश दिया है
  • author
    Prem Sharma
    26 ಆಗಸ್ಟ್ 2020
    भगवान् कभी अपनेे भकतो को निराश नहीं करते ।आस्था सही होनी चाहिए ।बहुत अच्छी रचना है आपकी ।
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    26 ಜನವರಿ 2020
    मित्रवर श्री राहुल पण्डया जी बहुत-बहुत बधाई और साधुवाद। विश्वास बहुत बङी शक्ति है।विश्वास है तो सब कुछ है,विश्वास नहीं तो कुछ नहीं। है। विश्वास रखकर किया गया सत्कर्म निसंदेह फलीभूत होता ही है और जैसा कर्म होता है उसका वैसा ही फल तथा उसी मात्रा में मिलता अवश्य है। कर्ता कर्म के पश्चात मुक्त है, फल उसके हाथ में नहीं है और न ही उसे किये कार्म के लिए अहंकार करना अपेक्षित है।वह तो निमित मात्र है। मेरी क्या हैसियत है, क्या मेरी औकात है। जो कुछ किया करने वाले ने किया, जो मिला वही सौगात है।शुभम्।
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    Shyamlata Sangwan
    26 ಜನವರಿ 2020
    ईश्वर पर विश्वास करना और उसके ऊपर सब छोड़ना ही ठीक है .कर्म करो अवश्य फल मिलेगा. अच्छा संदेश दिया है
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    Prem Sharma
    26 ಆಗಸ್ಟ್ 2020
    भगवान् कभी अपनेे भकतो को निराश नहीं करते ।आस्था सही होनी चाहिए ।बहुत अच्छी रचना है आपकी ।