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फिर भी अवैध संबंध? (भाग-2)

4.6
26035

कहानी के पिछले भाग के अंत में आपने पढ़ा.... और उधर, घर में... क्या आप कल्पना कर सकते हैं? एक पत्नी और बच्चों की माँ, जो रात के अंधेरे में किसी दूसरे मर्द के साथ भाग जाए—उसके पति और बच्चों पर क्या बीत रही होगी? चलिए, देखते हैं... अब आगे ........... कविता जब रात को घर से निकली तो अशोक को हवा तक नहीं लगी कि उसकी पत्नी घर से गायब है और बच्चे भी अनजान रहते है कि उनकी मां घर में नही है । उन्हें क्या मालूम कि उनकी मां  इस वक्त नीरज अंकल के साथ ट्रेन में कहीं जाने के लिए यात्रा कर रही है । अशोक को तब ...

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S G Murthy
4.7

कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा .... रेखा, शेखर को ऑटो लाने भेज कर घर में बच्चो के पास रहती है । इधर, अशोक, कविता के बारे में सोच रहा था, कैसी निर्दई मां है, अपने बच्चों को छोड़कर चली गई ..... अब ...

लेखक के बारे में
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S G Murthy

मैं एक लेखक हूं, कहानी, लेख और उपन्यास के द्वारा लोगों को भावनात्मक और सामाजिक रूप से जोड़े रख कर अपनी पहचान बनाना। मेरी कहानियां केवल कल्पनाओं में ही गुम न हो जाए, लोगों को कोई न कोई सीख भी दे, यह मेरा उद्देश्य है । मैंने अगस्त 2022 से प्रतिलिपि से जुड़ा, इसके पहले मैंने 37 वर्ष देश के प्रतिष्ठित पब्लिक सेक्टर ऑर्गेनाइजेशन "स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL)" के साथ काम किया है, जिसमें से 9 वर्ष शिक्षा विभाग में और बाकी 28 वर्ष HR डिपार्टमेंट में कार्य करते हुए रिटायर हुआ, आज फुल टाइम प्रतिलिपि पर लेखन कार्य में व्यस्थ रहता हूं। मैं अधिकतर, सामाजिक, पारिवारिक और सस्पेंस कहानियां लिखने में रुचि रखता हूं, पर कभी कभी हॉरर और पुनर्जन्म की कहानियां भी लिखता हूं। गाने सुनना और मूवी देखना मेरी हॉबी है। मुझे आशा ही नहीं विश्वास भी है कि मेरी कहानियां आपको जरूर अच्छी लगेगी। धन्यवाद!🙏

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    MAHI ,MAHI
    01 सितम्बर 2022
    शुरू शुरू में ऐसे रिश्ते ऐसे लोगों को बहुत सुहावने लगते हैं वो सही गलत का फैसला नहीं ले पाते लेकिन धीरे-धीरे ऐसी दलदल में फंस जाते हैं जिससे वह कभी नहीं निकल पाते अगर निकल भी गए तो ग्लानी और कलंक के दलदल से कभी नहीं निकल पाते साथ में अपने बच्चों और परिवार को भी डुबो देते हैं
  • author
    Reshmi bagde ( Ziya )
    12 अक्टूबर 2022
    सच मे किस तरह की माँ है जो अपने स्वार्थ के लिए अपने बच्चो को छोड़ कर चली गई और जाने से पहले ये भी नही सोची की उसके बच्चे किस तरह से रहेगे उसके बगेर
  • author
    Rahul Kumar
    29 अक्टूबर 2022
    Aap ki kahani achchi hai but timing or pichla bhag dekh kar hi kahani Ko aage badhao please 🥺
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    MAHI ,MAHI
    01 सितम्बर 2022
    शुरू शुरू में ऐसे रिश्ते ऐसे लोगों को बहुत सुहावने लगते हैं वो सही गलत का फैसला नहीं ले पाते लेकिन धीरे-धीरे ऐसी दलदल में फंस जाते हैं जिससे वह कभी नहीं निकल पाते अगर निकल भी गए तो ग्लानी और कलंक के दलदल से कभी नहीं निकल पाते साथ में अपने बच्चों और परिवार को भी डुबो देते हैं
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    Reshmi bagde ( Ziya )
    12 अक्टूबर 2022
    सच मे किस तरह की माँ है जो अपने स्वार्थ के लिए अपने बच्चो को छोड़ कर चली गई और जाने से पहले ये भी नही सोची की उसके बच्चे किस तरह से रहेगे उसके बगेर
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    Rahul Kumar
    29 अक्टूबर 2022
    Aap ki kahani achchi hai but timing or pichla bhag dekh kar hi kahani Ko aage badhao please 🥺