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दो जिन्दा लाशें

4.1
29682

आधी रात को जब नीतू से बात हुई सोनू की तो अतीत की यादो ने उसे घेर लिया ! उसने खुद को बहुत सम्भाला लेकिन समझा नहीं पाया खुद को ! वापिस से नीतू को फोन नहीं करना चाहता था वह ! नींद की गोली खाने को वो ...

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लेखक के बारे में

लोगों की भीड़ से निकली साधारण लड़की जिसकी पहचान बेबाक और स्वतंत्र लेखन है ! जैसे तरह-तरह के हज़ारों पंछी होते हैं, उनकी अलग चहकाहट "बोली-आवाज़", रंग-ढंग होते हैं ! वेसे ही मेरा लेखन है जो तरह -तरह की भिन्नता से - विषयों से परिपूर्ण है ! मेरा लेखन स्वतंत्र है, बे-झिझक लेखन ही मेरी पहचान है !! युवा लेखिका, सामाजिक चिंतक जयति जैन "नूतन" -: विधा - कहानी , लघुकथा , कविता, लेख , दोहे, मुक्तक, शायरी,व्यंग्य -: प्रकाशित रचनाओं का विवरण - जनक्रति अंतराष्ट्रीय मासिक पत्रिका में, सामाजिक लेखन, राष्ट्रीय दैनिक, साप्ताहिक अख्बार, पत्रिकाये , चहकते पंछी ब्लोग, साहित्यपीडिया, शब्दनगरी, www.momspresso.com व प्रतिलिपि वेबसाइट, international news and views.com (INVC) पर ! -: सम्मान- - श्रेष्ठ नवोदित रचनाकार सम्मान से सम्मानित ! - अंतरा शब्द शक्ति सम्मान 2018 से सम्मानित ! - हिंदी सागर सम्मान - श्रेष्ठ युवा रचनाकार सम्मान - कागज़ दिल साहित्य सुमन सम्मान - वुमन आवाज़ अवार्ड 2018 - हिंदी लेखक सम्मान - भाषा सारथी सम्मान -: अन्य उपलब्धि- बेबाक व स्वतंत्र लेखिका ! हिंदी सागर त्रेमासिक पत्रिका में " अतिथि संपादक " -:- लेखन का उद्देश्य- समाज में सकारात्मक बदलाव ! -: एकल संग्रह - मिट्टी मेरे गांव की {बुंदेली काव्य संग्रह}, वक़्त वक़्त की बात ( लघुकथा संग्रह, 20 पृष्ठ) एकल संग्रह- राष्ट्रभाषा औऱ समाज (32 पृष्ठ) साझा काव्य संग्रह A- मधुकलश B- अनुबंध C- प्यारी बेटियाँ D- किताबमंच E- भारत के युवा कवि औऱ कवयित्रियाँ । F - काव्य स्पंदन पितृ विशेषांक G- समकालीन हिंदी कविता । H- साहित्य संगम संस्थान से प्रकाशित उत्कृष्ट रचनाओं का संकलन I- अनकहे एहसास J- वुमन आवाज महिला विषेषांक K- रेलनामा ---- " आप गूगल पर जयति जैन नूतन या जयति जैन रानीपुर डाल कर कुछ रचनाये सर्च कर सकते हैं । "

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    gulshan Kumar
    03 ఏప్రిల్ 2018
    दिल से दिल का फासला कुछ यु तय हो जाए दिल मेरा धड़के और तुझे खबर हो जाए
  • author
    मधु पुरी अरोरा
    17 ఫిబ్రవరి 2018
    कहानी अच्छी है, जिसने इस प्रकार का दर्द झेला है वही इसकी गहराई को भली प्रकार से समझ सकेगा। कहीं कहीं भाषा की त्रुटियाँ हैं, कहीं विचारों का तारतम्य एक दम से बदल गया है।
  • author
    Aditya Singh
    27 నవంబరు 2017
    its my story thanks for posting
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  • author
    gulshan Kumar
    03 ఏప్రిల్ 2018
    दिल से दिल का फासला कुछ यु तय हो जाए दिल मेरा धड़के और तुझे खबर हो जाए
  • author
    मधु पुरी अरोरा
    17 ఫిబ్రవరి 2018
    कहानी अच्छी है, जिसने इस प्रकार का दर्द झेला है वही इसकी गहराई को भली प्रकार से समझ सकेगा। कहीं कहीं भाषा की त्रुटियाँ हैं, कहीं विचारों का तारतम्य एक दम से बदल गया है।
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    Aditya Singh
    27 నవంబరు 2017
    its my story thanks for posting