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"जिज्जी" एक संस्मरण

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# स्कूल की यादें सुबह-सुबह आज जब मैं वोट डालने के लिए अपने वार्ड के मतदान बूथ पर गई तो यादों के तार मेरे मन के अन्दर विद्युत की गति से झनझना उठे। मेरे अन्दर अपने स्कूली दिनों की यादों के झटके एक ...

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लेखक के बारे में
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DrPoonam Sharma
समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Sadhana Misra
    23 ഫെബ്രുവരി 2021
    यादों के गलियारे में चहलकदमी , खुद के निशान ढूंढती नजर ।ना हम गुज़रे वक़्त में जा सकते हैं ना वक्त लौट कर आ सकता है । पाठक भी कहानी पढ़ते पढ़ते अतीत की यादों में खो जाता है । ये खासियत है इस कथा की।
  • author
    Poonam Aggarwal
    04 മാര്‍ച്ച് 2021
    बहुत ही प्यारा संस्मरण । बचपन की यादें जब भी आती हैं तरोताजा कर जाती हैं और कुछ खास लोग कभी भुलाए नहीं जा सकते । 👌👌👌👌💐
  • author
    Soma Shukla
    26 നവംബര്‍ 2021
    बहुत सुन्दर रचना
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    Sadhana Misra
    23 ഫെബ്രുവരി 2021
    यादों के गलियारे में चहलकदमी , खुद के निशान ढूंढती नजर ।ना हम गुज़रे वक़्त में जा सकते हैं ना वक्त लौट कर आ सकता है । पाठक भी कहानी पढ़ते पढ़ते अतीत की यादों में खो जाता है । ये खासियत है इस कथा की।
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    Poonam Aggarwal
    04 മാര്‍ച്ച് 2021
    बहुत ही प्यारा संस्मरण । बचपन की यादें जब भी आती हैं तरोताजा कर जाती हैं और कुछ खास लोग कभी भुलाए नहीं जा सकते । 👌👌👌👌💐
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    Soma Shukla
    26 നവംബര്‍ 2021
    बहुत सुन्दर रचना