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और वो चली गईं

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उसकी माँ हॉस्पिटल में थी, बहुत ही गंभीर अवस्था में, वो डर रही थी कि जाने क्या हो, अगर माँ चली गई तो........ उसके मन में बचपन से ही माँ के लिए एक रोष एक शिकायत थी, वो अपनी माँ को बहुत प्यार करती थी,...

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लेखक के बारे में
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जीवन परिचय - 1- पूरा नाम - डॉ. ज्योति मिश्रा 2- पिता का नाम - स्व. श्री कृष्णबिहारी मिश्र 3- माता का नाम- स्व. श्रीमती चंद्रकांता मिश्रा 4- वर्तमान पता -- सप्तश्रृंगी अपार्टमेंट , फ्लैट न. ४०२, २री मंज़िल। सूर्य होटल के पीछे , कर्बला रोड , बिलासपुर ( छत्तीसग़ढ) ४९५००१ 5- स्थायी पता - सप्तश्रृंगी अपार्टमेंट , फ्लैट न. ४०२, २री मंज़िल। सूर्या होटल के पीछे , कर्बला रोड , बिलासपुर ( छत्तीसग़ढ) ४९५००१ 6-- फोन नं/वाटस एप नं/ 9179200490, 9827924340/ 7-- E mail- 1974.mysoul@gmail.com 8-- जन्म तिथि - 04/09/1960 9-- शिक्षा - स्नातकोत्तर 10-- व्यवसाय - पूर्व प्राचार्या, लेखन 11-- प्रकाशन विवरण - 1/ साझा काव्य संग्रह में "महकते लफ्ज़", "अनुभूति", "मधुबन" "श्री सत्यम प्रकाशन दिल्ली "और "कविता अनवरत" "अयन प्रकाशन दिल्ली"में प्रकाशित। 2/ "एकल काव्य संग्रह" "दर्द के फ़लक से" श्री सत्यम प्रकाशन दिल्ली 3/ एकल काव्य संग्रह "मनमीत" विमोचन बिलासपुर 17 दिसंबर नव भारत समाचार पत्र , युगधर्म,लोकस्वर इत्यादि प्र

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  • कुल टिप्पणी
  • author
    12 अप्रैल 2018
    बहुत ही संवेदनशील और मार्मिक कहानी। दिल को छू गयी।
  • author
    निक्की सिंह
    24 मई 2019
    कहानी अच्छी है पर क्या इस बात को छुपा कर रखना ठीक था । क्या उस लड़की के साथ जो हुआ उसकी सजा उसके मामा को उस लड़की के बड़े हो जाने बाद मिलनी चाहिए थी?
  • author
    Raj Sharma
    12 अप्रैल 2018
    कहानी आरंभ से अंत तक पाठक को बांधे रखने की दृष्टी से सफल है। कथा का भाव बहुत संवेदना से परिपूर्ण है जो अन्तस को छूता है। अच्छी कहनी के लिए सधुवाद
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    12 अप्रैल 2018
    बहुत ही संवेदनशील और मार्मिक कहानी। दिल को छू गयी।
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    निक्की सिंह
    24 मई 2019
    कहानी अच्छी है पर क्या इस बात को छुपा कर रखना ठीक था । क्या उस लड़की के साथ जो हुआ उसकी सजा उसके मामा को उस लड़की के बड़े हो जाने बाद मिलनी चाहिए थी?
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    Raj Sharma
    12 अप्रैल 2018
    कहानी आरंभ से अंत तक पाठक को बांधे रखने की दृष्टी से सफल है। कथा का भाव बहुत संवेदना से परिपूर्ण है जो अन्तस को छूता है। अच्छी कहनी के लिए सधुवाद