pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी
सारांश

उस रात के अंधेरे में जो कुछ भी हुआ उसे दिन के उजाले में सोचकर ही निखिल की रूह कांप गई...

वाचक
author
Khayal-e- pushp

अच्छी कहानी और अच्छे लोग देर से समझ में आते हैं! लेकिन पूरी तरह समझ में आते हैं...💕

समीक्षा
  • कुल टिप्पणी
  • author
    krishan kumar yadav "KK"
    22 नवम्बर 2021
    बहुत सुन्दर
  • कुल टिप्पणी
  • author
    krishan kumar yadav "KK"
    22 नवम्बर 2021
    बहुत सुन्दर