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यही तो रोना है हमारा

4.6
544

कोई नयी बात नहीं है इस तरह हमारा बार-बार रोना चुँकि यही रही है हमारे देश की परम्परा जो सदियों से चली आ रही है और चल रही है आज तक कि यहाँ जाति,धर्म और वर्ग के आधार पर दिया जाता है सम्मान यही रही...

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लेखक के बारे में

जन्म - 3 जनवरी 1984 को बिहार के सीवान जिले में जन्म .शिक्षा-गणित में स्नातकोत्तर .रचनायें विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित .गाँव में रहकर स्वतंत्र रूप से कवितायें लिखते हैं .

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Nilesh Mathur
    18 मई 2020
    आपकी सभी रचनाएँ बहुत सुंदर है।
  • author
    Shweta88888ū87 Bhatia
    13 जनवरी 2021
    Very nice.
  • author
    Rahul Kumar
    19 अक्टूबर 2020
    bohot acha
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    Nilesh Mathur
    18 मई 2020
    आपकी सभी रचनाएँ बहुत सुंदर है।
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    Shweta88888ū87 Bhatia
    13 जनवरी 2021
    Very nice.
  • author
    Rahul Kumar
    19 अक्टूबर 2020
    bohot acha