स वेरे नौ बजे जब फोन लगाया तो किसी स्‍त्री ने फोन उठाया था। आवाज़ कुछ जानी-पहचानी-सी लगी, लेकिन ठीक से पहचान नहीं पाया कि कौन हैं। आलोक सुबह साढ़े नौ तक अमूमन घर में ही होता है और फोन भी वही उठाता...

प्रतिलिपिस वेरे नौ बजे जब फोन लगाया तो किसी स्‍त्री ने फोन उठाया था। आवाज़ कुछ जानी-पहचानी-सी लगी, लेकिन ठीक से पहचान नहीं पाया कि कौन हैं। आलोक सुबह साढ़े नौ तक अमूमन घर में ही होता है और फोन भी वही उठाता...