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जाँम बन जाऊं

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जब छूता है पैमाना तेरे होठों को दिल ये करता है मैं जाँम बन जाऊं तेरी ज़िन्दगी को खुबशूरत बना दे ऐसी मदहोश शाम बन जाऊं तेरी खातिर फरवरी की पहली धूप तेरे लिए जून   की दोपहर का आराम बन ...