pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

वृंदा ने कहा था

4024
4.8

' समर पॉम सोसायटी' के अपने खूबसूरत अपार्टमेंट की बॉलकनी में बैठे वह नीले धुले खुले आसमान के शामियाने तले पसरे चटक हरे आलोक को देख-देख मुग्ध हो रहे थे और सोच रहे थे कि जिसने इस सोसायटी की कल्पना की ...