अपने घर की इकलौती लड़की काव्या, सबकी चहेती, सबके दिल में तुरंत घर जाती थी। कम उम्र में ही घर की वो जिम्मेदारियां संभाली थी उसने जो आज कल की उम्रदराज लड़कियां भी ना संभाल पाए। पढ़ाई, खेलकूद, वादन, गायन, ...

प्रतिलिपिअपने घर की इकलौती लड़की काव्या, सबकी चहेती, सबके दिल में तुरंत घर जाती थी। कम उम्र में ही घर की वो जिम्मेदारियां संभाली थी उसने जो आज कल की उम्रदराज लड़कियां भी ना संभाल पाए। पढ़ाई, खेलकूद, वादन, गायन, ...