मेल-मिलाप की बातें करने वाले नेताओं के चरणों में ये सतरें हम निवेदित करते हैं। नेतागण विद्वान हैं। वे तपस्वी हैं। प्रभूत दया, देशप्रेम, सौहार्द और कष्ट-सहन उनके जीवन में ऐसे घुले-मिले हैं जैसे फूल ...
जन्म : 26 अक्टूबर, 1890, अतरसुइया, इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश)
भाषा : हिंदी
विधाएँ : पत्रकारिता, निबंध, कहान
मुख्य कृतियाँ
गणेशशंकर विद्यार्थी संचयन (संपादक - सुरेश सलिल)
संपादन : कर्मयोगी, सरस्वती, अभ्युदय, प्रताप
निधन
25 मार्च, 1931 कानपुर
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