साथ नहीं देता कोई भी,समय किसी के पास नहीं। शरणागति का है भाव लिये,करता सेवा सतत यहीं।। खोली मञ्जूषा बन्द पड़ी,आंखों में आंसू...

प्रतिलिपिसाथ नहीं देता कोई भी,समय किसी के पास नहीं। शरणागति का है भाव लिये,करता सेवा सतत यहीं।। खोली मञ्जूषा बन्द पड़ी,आंखों में आंसू...