बंद पिंजरे के पंछियों की, परवाह कोई नहीं करता , याद वही आते हैं , जो उड़ जाते हैं । तेरी याद ,तेरी बातें, तेरी हर अदा, तेरा एहसास, ये सब जहां होते हैं, मेरे कदम वहीं मुड़ जाते हैं ।। कोई ...

प्रतिलिपिबंद पिंजरे के पंछियों की, परवाह कोई नहीं करता , याद वही आते हैं , जो उड़ जाते हैं । तेरी याद ,तेरी बातें, तेरी हर अदा, तेरा एहसास, ये सब जहां होते हैं, मेरे कदम वहीं मुड़ जाते हैं ।। कोई ...