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✈️ "उड़ान अधूरी"

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✈️ "उड़ान अधूरी" ✍🏻 लेखक: चंदन कुमार रनवे से चला था कोई जीवन का कारवाँ, मंज़िल नहीं, बस विराम पा गया। जो जाते थे सफ़र पर लौटकर आते थे, इस बार लौटना, किस्मत ने लिखना छोड़ दिया। ...

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CHANDAN KUMAR

"दिल एअरपोर्ट की तरह है, जहाँ हर कोई आता है, पर कोई टिकता नहीं… — ✈️✍️ चंदन कुमार"

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