<p>जमशेदपुर में जन्मे सुरेश जी शिक्षा से विज्ञानं में स्नातक एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं वे वित्तीय विश्लेषण के विशेषग्य हैं, शिक्षा समाप्त कर उन्होंने ५ वर्ष कार्य किया फिर उन्होंने अपना उद्योग लगाया सफल उद्योगपति के रूप में पहचान बनाई, स्वास्थ की वजह से वे उद्योग से किनारा कर लिए एवं प्रतिष्ठित आद्यौगिक समूहों के विशिष्ठ सलाहकार हो गए ,उन्हें इस्पात के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु ,नयी दिल्ली की एक प्रतिष्ठित गैर सरकारी संस्था द्वारा <strong>भारत गौरव</strong> से सम्मानित किया गया , यूँ तो साहित्य के प्रति उनकी रूचि बचपन से ही रही, परन्तु लिखना गत ५ वर्षों से ही किया ,इस छोटे से समय में उन्होंने धर्म-अध्यात्म पर तीन पुस्तकें लिखी एवं अन्य ५ संयुक्त संकलन में उनकी रचनाये प्रकाशित हुई, कई विख्यात पत्र-पत्रिकाओं में उनकी रचनाएँ प्रकाशित होती रहती हैं, नवोदित रचनाकारों को मुख्य धारा में लेन हेतु उन्होंने शुक्तिका प्रकाशन की स्थापना की एवं दृढ़ मनो शक्ति का परिचय देते हुए उड़ान एक अनुभूति साहित्यिक परावारिक पत्रिका का आरम्भ किया |</p>
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