बिगुल बज गया है अब दौर ये नया है अब ।। हिंदूस्तान बैठा है घरों में ईलाज ये बड़ा है अब ।। कोई ना निकले घरों से संदेश ये कड़ा है अब ।। हमारे धैर्य की परीक्षा है और धैर्य ही दवा है अब ।। बड़े-बड़ों ...

प्रतिलिपिबिगुल बज गया है अब दौर ये नया है अब ।। हिंदूस्तान बैठा है घरों में ईलाज ये बड़ा है अब ।। कोई ना निकले घरों से संदेश ये कड़ा है अब ।। हमारे धैर्य की परीक्षा है और धैर्य ही दवा है अब ।। बड़े-बड़ों ...